फ्यू डिकेड्स ऑफ़ अंडरवर्ल्ड - भाग - ७१ - २० दिसंबर २०२५

 


 नमस्कार दोस्तों कैसे हो आप सब ? आप सब जानते ही हो तीसरा हप्ते में हम बात करते हे अंडरवर्ल्ड के उस खतरनाक और दर्दभरे आंतक और उसके सामने लड़नेवाले जांबाजो की| तो चलिए  आज की कहानी शुरू करते है|

मुंबई, 25 अगस्त
Project Dhwaj अब पूरे देश में फैल चुका था। कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज़ में युवाओं ने खुद को ध्वज कैडेट्स के रूप में रजिस्टर किया।
RAW ने उनमें से चुनिंदा 20 कैडेट्स को पहली बार असली फील्ड मिशन पर भेजने का फैसला किया।

🎯 मिशन: “समुद्र का साया”

📡 RAW को खबर मिली कि ब्लैक नेटवर्क का एक हिस्सा अब समुद्री रास्तों से भारत में घुसपैठ करने की कोशिश कर रहा है।
एक जहाज़ — Ocean Star — दुबई से मुंबई की ओर बढ़ रहा था।
खबर थी कि उसमें छिपा हुआ है एक नया डिवाइस — “Echo Pulse” — जो समुद्र के नीचे के केबल्स को नष्ट कर सकता था।
अगर ये एक्टिव हो जाता, तो भारत की इंटरनेट कनेक्टिविटी ठप हो जाती।

🧠 ट्रेनिंग से मैदान तक

  • आरव ने कैडेट्स को साइबर सिमुलेशन कराया — जहाज़ के सिस्टम को हैक करने का अभ्यास।
  • माया ने उन्हें फील्ड इंटेलिजेंस सिखाई — कैसे भीड़ में घुलना-मिलना और संदिग्धों को पहचानना।
  • कैप्टन वीर ने उन्हें फिजिकल ट्रेनिंग दी — रात में ऑपरेशन, पानी में उतरना, और बिना हथियार के लड़ाई।

साया ने बस एक बात कही:
“याद रखो, ये मिशन सिर्फ जीतने का नहीं है। ये तुम्हें खुद को पहचानने का मौका देगा।”

🌌 ऑपरेशन शुरू

🚤 रात 1 बजे, कैडेट्स ने स्पेशल बोट से Ocean Star के पास पहुंचकर चढ़ाई की।
जहाज़ पर अंधेरा था, लेकिन हर कोने में कैमरे और सेंसर लगे थे।

  • आरव ने सिस्टम हैक किया और कैमरों को ब्लाइंड कर दिया।
  • माया ने संदिग्ध क्रू मेंबर को ट्रैक किया — उसका नाम था Khalid, जो Echo Pulse का ऑपरेटर था।
  • कैप्टन वीर ने कैडेट्स को तीन टीमों में बांटा — एक डिवाइस खोजने के लिए, दूसरी क्रू को पकड़ने के लिए, और तीसरी बैकअप के लिए।

⚔️ पहली भिड़ंत

कैडेट्स ने जहाज़ के नीचे वाले हिस्से में Echo Pulse डिवाइस खोज लिया।
लेकिन तभी Khalid और उसके लोग सामने आ गए।

💥 पहली बार कैडेट्स असली लड़ाई में उतरे।
कुछ डर गए, कुछ संभल गए।
लेकिन माया ने उन्हें आवाज़ दी:
“याद रखो, तुम ध्वज हो। पीछे हटना नहीं।”

कैप्टन वीर ने Khalid को पकड़ लिया।
आरव ने डिवाइस को डीएक्टिवेट कर दिया।

🌅 नई सुबह

26 अगस्त की सुबह, मुंबई सुरक्षित थी।
Echo Pulse नष्ट हो चुका था।
कैडेट्स पहली बार असली मिशन से लौटे — थके हुए, लेकिन गर्व से भरे।

RAW हेडक्वार्टर में साया ने उन्हें देखा और कहा:
“अब तुम सिर्फ कैडेट्स नहीं, योद्धा हो।
ध्वज अब सिर्फ एक प्रोजेक्ट नहीं, एक आंदोलन है।”

✨ अंतिम दृश्य

साया अकेला समुद्र किनारे खड़ा था।
लहरें उठ रही थीं, जैसे कोई नया खतरा फिर से जन्म ले रहा हो।

उसने खुद से कहा:
“हर लहर एक नई चुनौती है।
और हर चुनौती में एक नया ध्वज उठाना होगा।”

वो फिर गायब हो गया — एक साया की तरह।


अगले हफ्ते देखेंगे की क्या होगा| तब तक  आप का कोई सजेशन और कमेंट हो तो मुझे मेरे सोश्यल मिडिया पे मुझे दे शकते हो मेरी सॉयल मिडिया प्रोफाइल की लिंक्स निचे दी हे | अंत में आप सभी का दिल से शुक्रिया और साथ ही साथ मेरे सोशयल मिडिया पार्टनर्स का भी दिल से धन्यवाद् क्योकि उनलोगो के बिना ना में ये सब लिख पाता |


 


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